Wednesday, December 2, 2009

सूना है लोग


सूना  है  लोग  उसे  आँख  भर  के  देखते  हैं 
सो  उस  के  शहर  में  कुछ  दिन  ठहर  के  देखते  हैं 

सूना  है  बोल  तो  बातों  से  फूल  झरते  हैं 
ये  बात  है  तो  चलो  बात  कर  के  देखते  हैं 

सूना  है  रात  उसे  चाँद  तकता  रहता  है 
सितारे  बाम -ए -फलक  से  उतर  के  देखते  हैं 

सूना  है  दिन  को  उसे  तितलियाँ  सताती  हैं 
सूना  है  रात  को  जुगनू  ठहर  के  देखते  हैं 

सूना  है  रब्त  है  उसको  खराब  हालों  से 
सो  अपने  आप  को  बर्बाद  करके  देखते  हैं 

सूना  है  दर्द  की  ग़ाहक  है  चश्म -ए -नाज़  उसकी 
सो  हम  भी  उसकी  गली  से  गुज़र  कर  देखते  हैं 

अब  उसके  शहर  में  ठहरें  के  कुछ  कर  जाएँ
"फ़राज़" आओ  सितारे  सफ़र  के  देखते  हैं

-अहमद फ़राज़

4 comments:

  1. nice
    सूना है रब्त है उसको खराब हालों से
    सो अपने आप को बर्बाद करके देखते हैं

    अब उसके शहर में ठहरें के कुछ कर जाएँ
    "




    सूना है दर्द की ग़ाहक है चश्म -ए -नाज़ उसकी
    सो हम भी उसकी गली से गुज़र कर देखते हैं













    फ़राज़" आओ सितारे सफ़र के देखते हैं

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  2. शुक्रिया..

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  3. Ruke To Gardishen Us Kaa Tavaaf Karti Hain
    Chale To Us Ko Zamaane Thaher Ke Dekhte Hain
    (Gardish : Time)
    Kise Nasib Ke Be-Pairahan Use Dekhe
    Kabhii Kabhi Dar-O-Diivaar Ghar Ke Dekhte Hain
    (Be-Pairahan : Without Clothes)
    Kahaaniyaan Hi Sahi Sab Mubaalage Hi Sahii
    Agar Vo Khvaab Hai Taabiir Kar Ke Dekhte Hain
    (Mubaalage : Beyond One’s Limits)
    Ab Us Ke Shahar Men Thaharen Ki Kuch Kar Jaayen
    “Faraz” Aao Sitaare Safar Ke Dekhte Hain

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    1. Thanks..
      आप आए हैं जहाँ में इस कदर
      आपकी सफरे-ग़ज़ल सुनके देखते है..

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