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Wednesday, November 25, 2009

खुसरौ


जिहाल  -ए  मिस्कीं  मकुन  तगफुल,
दुराये नैना बनाये बतियाँ
की  ताब  -ए  हिज्राँ  नदारम  ए  जाँ ,
न ले हो काहे लगाये छतियाँ

चो  शमा  सोज़ान  चो  ज़र्रा  हैरान,
हमेशा  गिरियाँ  बे  इश्क  आन  मह
न नींद नैना न अंग चैना
न आप ही आवें न भेजें पतियाँ

 
यकायक  अज  दिल  बसद  फरेबम 
 बबुर्द  चशमश  -ए  करार्र  तस्कीं 


किसे पड़ी है जो जा सुनावे
पियारे पी को हमारी बतियाँ

शबान  -ए  हिज्राँ  दराज़  चुन  ज़ुल्फ़
व  रोज़  -ए  वसलत  चो  उम्र  कोताह
सखी पिया को जो मैं न देखूं
तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँ

बहक्क  -ए   रोज़  -ए  विसाल  -ए  दिलबर
की  दाद  मरा  ग़रीब  खुसरौ
सपत मन के वराए राखूँ
जो जाए पाऊँ पिया के खतियाँ 


Sunday, November 22, 2009

नजीर अकबराबादी

जब फागुन रंग झमकते हो
तब देख बहारें होली की.. तब देख बहारें होली की...
जब फागुन रंग झमकते....
परियों के रंग दमकते हो
खुम शीशे जाम छलकते हो
मेहबूब नशे में छकते हो
जब फागुन रंग झमकते हो.. जब फागुन रंग झमकते हो...

नाच रंगीली परियोंका
कुछ भीगी तानें होली की
कुछ तबले खड़के रंग भरें
कुछ घूंगरुं ताल छनकते हो
जब फागुन रंग झमकते हो.. जब फागुन रंग झमकते हो...

मुलाल गुलाबी आँखें हो
और हाथों में पिचकारी हो.....
उस रंग भरी पिचकारी को
अंगिया पर तककर मारीं हो
सीनों से रंग ढलकते हो
तब देख बहारें होली की..   
जब फागुन रंग झमकते हो.. जब फागुन रंग झमकते हो...


-नजीर अकबराबादी

Saturday, July 25, 2009

आपकी याद आती रही रातभर
आपकी याद आती रही रातभर
चश्मेनम मुस्कुराती रही रातभर
आपकी याद आती रही... ll दृ ll

रातभर दर्द की शम्मा जलती रहे
रातभर दर्द की शम्मा जलती रहे..

गम की लव थरथराती रहे रातभर
गम की लव थरथराती रहे रातभर..
आपकी याद आती रही... ll1ll

बासुरी की सुरीली सुहानी सदां
बासुरी की सुरीली सुहानी सदां..

याद बन बन के आती रही रातभर
याद बन बन के आती रही रातभर
चश्मेनम मुस्कुराती रही... ll2ll

याद के चाँद दिल में उतरते रहे
याद के चाँद...
याद के चाँद दिल में उतरते रहे

चांदनी जगमगाती रही रातभर
चांदनी जगमगाती रही रातभर..
आपकी याद आती रही... ll3ll

कोई दीवाना गलियोंमे फिरता रहा
कोई दीवाना...
कोई दीवाना गलियोंमे फिरता रहा
कोई आवाज आती रही रातभर
कोई आवाज आती रही रातभर
चश्मेनम मुस्कुराती रही रातभर
आपकी याद आती रही... ll4ll